साई भगवान थे , संत थे या इंसान थे या जो कुछ भी थे लेकिन आज के ये
जितने पाखंडी संत , भगवान या इन्सान है उनसे तो लाख गुना अच्छे थे । एयर
कंडीसनर बंगलो मे रहने वाले दुनिया के तमाम ऐशो आराम को भोगने वाले ये जो
संत बनते है जिनके मुह से नफरत के अलावा कोई बात नही निकलती उनको तो पूरी
उम्र गरीबी मे ज़ीने वाले और प्रेम का संदेश देने वाले साई के बारे मे
बोलने मे भी शर्म आनी चाहिये । जहा देश महगाई बेरोजगारी और तमाम समस्याओ से
ग्रस्त हैं वहा इस प्रकार के बेतुक मुद्दो को पैदा करना .... जनता को
मुद्दो से भटकाने के अलावा और कुछ नही है ।
Translate
साई लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
साई लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
बुधवार, 1 अक्टूबर 2014
सदस्यता लें
संदेश (Atom)
Don't forget to share
पिछले पोस्ट
-
जब तक विपक्ष मे रहता हूँ ... मै समाजवादी रहता हूँ , लेकिन जब जनता मुझे समाजवादी समझ कर चुन लेती है जैसे ही सत्ता मिलती है .. मै पूंजीवा...
-
एक बार एक सज्जन से मैंने पूछा ईश्वर कौन है ..... तो उसने कहा सृजनकर्ता ईश्वर है ........ तब से मैंने मज़दूर को ईश्वर समझना शुरु कर दिया । अ...
-
28 सितम्बर 1907 को एक ऐसा बालक पैदा हुआ जो अपनी 23 साल के अल्पकालिक जीवन मे अंग्रेज़ी रियासत की चूले हिला दी । एक ऐसा नौजवान जो अगर ...
-
फेसबुक , ट्वीटर , गूगल + और अन्य वेबसाइटो मे हिंदी कैसे लिखे ? आज इण्टरनेट मे हिंदी की पकड बढते जा रहा है । ऐसे मे अगर आप को ह...
-
आज के समय मे एक आम इंसान के मन मे यह धारणा बन गयी है की जो पार्टी जीतने लायक होगी उसे ही हम वोट करेंगे । दूसरे को वोट करने से हमारा वो...
-
मुझे आपकी ज़रुरत है ...... मेरे तकलीफ को सुनने के लिये .... मैने सुना है आप काफी समझदार हो ... आपके पास देश...
-
एक ज़माना था जब तब निम्न तबको पिछ्डे दलितो को शिक्षा का अधिकार नही था शिक्षा केवल उच्च वर्णो के लोगो के लिये था अब देश मे लोकतंत्र आ गया है...
-
नये साल मे केवल कलेंडर ही क्यो जीने क नजरिया भी बद्ले ।............. आज बहुत उत्साह के साथ नया साल की मुबारक बाद दी जा रही है वैसे मुबा...
इन्हे भी देखे
-
जब तक विपक्ष मे रहता हूँ ... मै समाजवादी रहता हूँ , लेकिन जब जनता मुझे समाजवादी समझ कर चुन लेती है जैसे ही सत्ता मिलती है .. मै पूंजीवा...
-
एक बार एक सज्जन से मैंने पूछा ईश्वर कौन है ..... तो उसने कहा सृजनकर्ता ईश्वर है ........ तब से मैंने मज़दूर को ईश्वर समझना शुरु कर दिया । अ...
-
फेसबुक , ट्वीटर , गूगल + और अन्य वेबसाइटो मे हिंदी कैसे लिखे ? आज इण्टरनेट मे हिंदी की पकड बढते जा रहा है । ऐसे मे अगर आप को ह...
-
आज के समय मे एक आम इंसान के मन मे यह धारणा बन गयी है की जो पार्टी जीतने लायक होगी उसे ही हम वोट करेंगे । दूसरे को वोट करने से हमारा वो...
-
पह्ले किसी देश को गूलाम बनाने के लिये आक्रमण किया जाता था । सैन्य हस्तक्षेप से किसी देश मे राज़ किया जाता था । ...
-
एक ज़माना था जब तब निम्न तबको पिछ्डे दलितो को शिक्षा का अधिकार नही था शिक्षा केवल उच्च वर्णो के लोगो के लिये था अब देश मे लोकतंत्र आ गया है...
-
अमेरिका जैसे पूंजीवादी देश मे भी मजदूरी को लेकर इतना सख्त कानून है कि राजनईक जैसे ओह्दे वाली देवयानी पर यह लागू हुआ । और उन्हे भी अपरा...
-
नये साल मे केवल कलेंडर ही क्यो जीने क नजरिया भी बद्ले ।............. आज बहुत उत्साह के साथ नया साल की मुबारक बाद दी जा रही है वैसे मुबा...
-
विश्व इतिहास की प्रक्रिया निरंतर चलती रहती है । यदि यह प्रक्रिया रुक जाये तो ठहराव पैदा होगा जिससे प्रगति मे बाधा होगी । पानी अगर एक ज...
-
दलित वर्ग और भारतीय व्यवस्था एक स्वस्थ लोकतन्त्र की यह पहचान होती है की उसमे सभी वर्गो बराबर प्रतिनिधित्व हो । जब तक दबे कुचले वर्ग...